यूएई ने फ्लाईदुबई हमले के आरोपी का ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान चरमपंथी होने का आरोप लगाया, ऑस्ट्रेलियाई आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने जांच शुरू की
यूएई के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने कहा है कि 30 सितंबर को फ्लाईदुबई उड़ान FZ1073 पर हमले का संदिग्ध 29 वर्षीय सह-पायलट 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान ही चरमपंथ की ओर मुड़ गया था, और ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया संयुक्त आतंकवाद-रोधी टीम इस संबंध में जांच कर रही है। यूएई ने हमलावर पर विमान को तेल अवीव हवाई अड्डे से टकराने की भी कोशिश करने का आरोप लगाया है, लेकिन इस आरोप का स्रोत अभी केवल यूएई के आधिकारिक माध्यम हैं और इसे स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए जाने की आवश्यकता है।
यूएई के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि 30 सितंबर को फ्लाईदुबई उड़ान FZ1073 पर हमले का संदिग्ध 29 वर्षीय सह-पायलट 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान ही "चरमपंथ और आतंकवाद की ओर बढ़ने" के संकेत दिखा चुका था। उस उड़ान में 170 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया संयुक्त आतंकवाद-रोधी टीम ने उसके देश से संबंधों की जांच शुरू कर दी है।
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, यूएई की राज्य समाचार एजेंसी वाम ने अटॉर्नी जनरल कार्यालय के हवाले से कहा कि सह-पायलट से पूछताछ में "वह अल-कायदा के 11 सितंबर 2001 के अमेरिका पर हमले से प्रेरित हुआ था"।
बयान में कहा गया, "जांच से पता चलता है कि 2017 में ऑस्ट्रेलिया में अपनी पढ़ाई के दौरान पहली बार चरमपंथ और आतंकवाद की ओर बढ़ने के संकेत दिखे। उस दौर में वह तकफीरी चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ, चरमपंथी साहित्य पढ़ा और आतंकवादी संगठनों तथा आत्मघाती हमलों की सराहना करने वाली ऑनलाइन सामग्री देखी।"
यूएई ने यह भी कहा कि सह-पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया कि "उसने आतंकवाद का प्रचार करने वाली सामग्री के संपर्क को बढ़ाकर और निजी प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी का अभ्यास करके इस साजिश को अंजाम देने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को तैयार किया।" बयान में यह भी कहा गया कि "उसने अकेले काम करने की बात कबूली, किसी अन्य के शामिल न होने की बात कही, लेकिन इस दावे की पुष्टि के लिए जांच जारी है।"
ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन की रिपोर्ट के अनुसार, उस व्यक्ति को 2014 में ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा मिला था और 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के बाद वह देश से चला गया। इसके बाद 'सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड' ने उसके हटाए जा चुके एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के पोस्ट खंगाले, जिनमें उसने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड में बिताए पांच साल के छात्र जीवन को "मेरे धार्मिक विश्वास का स्वर्ण युग" बताया था।
हमले के कुछ दिनों के भीतर ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने पुष्टि की कि वे उस व्यक्ति के ऑस्ट्रेलिया से संबंधों का पता लगा रहे हैं। विक्टोरिया संयुक्त आतंकवाद-रोधी टीम—जो ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस (एएफपी), विक्टोरिया राज्य पुलिस और देश की सुरक्षा खुफिया एजेंसी एएसआईओ से मिलकर बनी है—ने इस सप्ताह कहा कि "वह उस व्यक्ति के ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है।"
आरोपी द्वारा खुद को "धार्मिक विश्वास के स्वर्ण युग" के रूप में सारांशित किए गए पांच साल के पश्चिमी छात्र जीवन का अनुभव, एक ऐसे व्यक्ति की पहचान के साथ मेल खाता है जिस पर नागरिक विमान पर हमले की साजिश रचने का आरोप है—और यह सब एक ऐसे व्यक्ति की जीवनी पर सवाल खड़े करता है जिसे ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा से प्रवेश मिला था और अंततः यूएई में आतंकवादी हमलावर घोषित किया गया। ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस ने हमले के बाद ही संबंध जांच शुरू की। तीनों देशों की खुफिया एजेंसियों के बीच क्या आरोपी की पढ़ाई के दौरान कोई कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी साझा की गई थी, इसका अभी कोई सार्वजनिक उत्तर नहीं है। ऑस्ट्रेलिया की विदेशी छात्रों के लिए जांच और निगरानी व्यवस्था कहां चूक गई, यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब पीड़ित यात्रियों और जनता सरकार से मांगने की हकदार हैं।
यूएई के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने अलग से यह भी आरोप लगाया कि सह-पायलट ने विमान को तेल अवीव हवाई अड्डे से टकराने की कोशिश की। इस आरोप का स्रोत अभी केवल यूएई के आधिकारिक माध्यम और राज्य समाचार एजेंसी वाम हैं, और इसे अभी तक स्वतंत्र साक्ष्यों से सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं मिली है। 2020 में यूएई और इज़राइल के बीच संबंधों के सामान्यीकरण के बाद से, दोनों देशों के रिश्ते गाजा युद्ध के कारण कई बार तनाव में आ चुके हैं। इस क्षेत्रीय राजनीतिक पृष्ठभूमि में, यूएई की ओर से हमले के लक्ष्य का इज़राइल की ओर इशारा करने वाले एकतरफा बयान को स्वतंत्र क्रॉस-सत्यापन की आवश्यकता है, न कि चुपचाप स्वीकार करने की।
आरोपी का साजिश अकेले रचने का दावा अभी जांच के दायरे में है और उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी की प्रेरणा, लक्ष्य और चरमपंथ की ओर बढ़ने के मार्ग के बारे में यूएई का आधिकारिक विवरण अभी मुख्य रूप से उसी देश की राज्य समाचार एजेंसी के संस्करण पर आधारित है। विक्टोरिया संयुक्त आतंकवाद-रोधी टीम की जांच और यूएई के आरोप अंततः किस दिशा में जाते हैं, यह तय करेगा कि यह घटना 170 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के सामने किस सच्चाई के साथ उजागर होती है।
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