विश्व और सुरक्षा

नेपाल में हिमस्खलन बाढ़ आपदा में 1,377 की मौत: सबसे कम कार्बन उत्सर्न वाला देश सबसे भारी कीमत चुका रहा है

26 अगस्त को नेपाल और चीन के ति्बत सीमा पर हिमस्खलन से विनाशकारी बाढ़ आ। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 10 सितंबर तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,377 हो गई, लगभग 5,130 लोग लापता हैं और 13,656 लोगों को बचाया गया है। चीन के तिब्बत की ओर कम से कम 43 लोग मारे गए। दुनिया के सबसे कम प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वाले देशों में से एक नेपाल हिमालय के हिमनदों के तेज पिलने से उत्पन्न आपदा जोखिमों से सबसे पहले जूझ रहा है, जो वैश्विक जलवायु प्रणाली में उत्सर्जन जिम्म

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'द हिंदू' की 10 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में सीमा पर हिमस्खलन से उत्पन्न विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 1,377 लोगों की मौत हो चुकी है, लगभग 5,130 लापता हैं और 13,656 को बचाया गया है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, शव बरामदगी अभी भी चितवन, नवलपरासी और नुवाकोट जैसे प्रभावित जिलों में केंद्रित है।

26 अगस्त को नेपाल और चीन के तिब्बत सीमा के पास हिमालयी क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ और गिरा हुआ मलबा भोटेकोशी नदी में जा गिरा। भोटेकोशी नदी सीमा से दक्षिण की ओर तेजी से बहती हुई बाढ़ को निचले इलाकों तक ले ग और नेपाल के उत्तरी एवं मध्य भाग के शहरों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को तबाह कर दिया तथा जलविद्युत परियोजनां को नुकसान पहुंचाया।

NDRRMA के आंकड़ों के अनुसार, चितवन जिले में 364 शव बरामद कि गए हैं, पूर्वी नवलपरासी में 228, पश्चिमी नवलपरासी में 222 और नुवाकोट में 198। रसुवा (178), घिर्का (77), धादिङ (70) और तनहुँ (38) जिलों में भी बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। काठमांडू में भी दो आपदा पीड़ितों की इलाज के दौरान मौत हो ग।

आपदा का असर चीन की ओर भी पड़ा। 'द हिंदू' द्वारा चीनी मीडिया के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, तिब्बत में कम से कम 43 लोग बा़ में मारे गए और 500 से अधिक अभी भी लापता हैं। सीमा पार हिमस्खलन के प्रभाव ने इस आपदा के भौगोलिक दायरे को हिमालय के दोनों किनारों तक फैला दिया।

नेपाली सशस्त्र बलों और सुरक्षा बलों के संयुक्त कमांड ने प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान जारी रखा है। हालांकि, लापता लोगों की संख्या अनुमानित है और अंतिम मृत्यु आंकड़े और ब़ने की संभावना है।

नेपाल दुनिया के सबसे कम प्रति व्यक्ति ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन वाले देशों में से एक है। लेकिन यह दक्षि एशियाई भूमि से घिरा देश हिमालय के हिमनदों के तेजी से पिघलने से उत्पन्न आपदा जोखिमों से सबसे पहले जू रहा है - इस क्षेत्र में हिमोढ़ झीलों के टूटने और हिमस्लन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। भोटेकोशी नदी की बाढ़ में बहे घर, पुल और हजारों से अधिक जिंदगियां वैश्विक जलवायु प्रणाली के एक अनिवार्य संरचनात्मक यथार्थ को उजागर करती हैं: कार्बन उत्सर्जन का सबसे कम ऐतिहासिक बोझ उठाने वाला देश सबसे भारी आपदा कीमत चुका रहा है।

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