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केन्या में कल्च लीडर मैकेंजी हत्या मामले में दोषी सिद्ध: बेटे का दावा—जबरन उपवास, मारपीट और 7 साल की उम्र में स्कूल छोड़ा

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, केन्या के मोम्बासा कोर्ट ने कल्च लीडर मैकेंजी और कई अन्य सह-अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार दिया। मैकेंजी के सबसे गंभीर आरोपों पर पहले चरण का दोषी फैसला आया है, लेकिन अंतिम सजा अभी तय नहीं हुई है; उसकी सजा 6 नवंब्बर को सुनाई जाने की उम्मीद है। आतंकवाद, चरमवाद और बच्चों की शिक्षा से वंचित करने से जुड़े अलग मामले अभी लंबित हैं। 2023 में, शाकाहोला वन के उथले गड्ढों में 400 से अधिक शव मिलने के बाद मैकेंजी को गिरफ्तार किया गया। उसके बेटे डैन का कहना है कि 12 साल की उम्र

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बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, केन्या के मोम्बासा कोर्ट ने कल्च लीडर मैकेंजी और कई अन्य सह-अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार दिया। सह-अभियुक्तों में स्टीफन म्विथी की 48 वर्षीय पूर्व पत्नी भी शामिल हैं। यह मैकेंजी के सबसे गंभीर आरोप पर पहले चरण का दोषी फैसला है। मैकेंजी और अन्य कल्च नेताओं पर आतंकवाद, चरमवाद तथा बच्चों की शिक्षा से वंचित करने के अलग मामले लंबित हैं।

2023 में, केन्या के तट के पास शाकाहोला वन के उथले गड्ढों में 400 से अधिक शव मिलने के बाद मैकेंजी को गिरफ्तार किया गया था। उसकी सजा 6 नवंब्बर को सुनाई जाने की उम्मीद है; फिलहाल सजा की घोषणा नहीं की गई है।

मुख्य न्यायाधीश डायना म्वाकाचे ने कहा कि मैकेंजी के अनुयायी मानते थे कि वह "यीशु का प्रवक्ता" है; वन में किए गए दफनों को "शादी" कहा जाता था और मृतकों के लिए "यीशु से शादी कर चुका होने" के रूप से जश्न मनाया जाता था। एक सह-अभियुक्त ने अदालत में बताया कि मैकेंजी ने कहा था कि उपवास का विरोध करने वालों को मुक्कों के ज़रिए "स्वर्ग भेजा" जाना चाहिए। अदालत के साक्ष्यों में धर्म के आवरण में शारीरिक और शैक्षणिक नियंत्रण की एक व्यवस्था सामने आई: उपवास को स्वर्ग तक पहुंचने की अनिवार्य शर्त में बदल दिया गया था और विरोध करने वालों को मुक्कों से मजबूर किया जाता था; शिक्षा पर सिद्धांत की ओर से रोक लगी थी और आधुनिक चिकित्सा को "बुराई" कहा जाता था।

मैकेंजी के बेटे डैन ने शुरू में अपने पिता का पक्ष लिया था। उनका कहना है कि पिता पर लगाए गए आरोपों को समझना शुरू में कठिन लगा; अदालत की कार्यवाही के दौरान ही उन्हें इस त्रासदी का वास्तविक पैमाना समझ आया। डैन कहते हैं: "मैं 12 साल का था और लगभग एक सप्ताह तक खाने से मजबूर किया गया।" उन्होंने यह भी याद किया कि चर्च के सदस्यों ने उसे आराधना में भाग लेने के लिए घंटों तक लगातार मारपीट की थी। मैकेंजी का सिद्धांत शिक्षा को प्रतिबंधित करता था और आधुनिक चिकित्सा को "बुराई" कहता था। डैन कहते हैं: "मैं 7 साल की उम्र में ही स्कूल छोड़ दिया था।" अब वह मालिंदी में रहता है, मोटरसाइकल टैक्सी चलाकर अपनी आजीविका चलाता है और अपने छोटे भाई-बहनों का सहारा है।

डैन अब यह भी बताते हैं कि अपने छोटे भाई-बहनों को अपने पिता के सिद्धांतों का अनुसरण करने वाले परिवार से मुक्त कराने के लिए उन्होंने दादी सहित परिवार वालों की रिपोर्ट की थी: "मुझे अपनी दादी की रिपोर्ट करनी पड़ी।" बीबीसी ने उनके कथन का भी उल्लेख किया है कि अदालत की कार्यवाही से कुछ सप्ताह पहले मैकेंजी के बच्चों में से कुछ अब भी भूखे रह रहे थे।

48 वर्षीय स्टीफन म्विथी ने अदालत के बाहर फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कल्च ने उनके सभी 6 बच्चों को छीन लिए: "मैं एक खुशहाल व्यक्ति हूं, सबको दोषी सिद्ध किया जा चुका है।"

दोषी फैसले ने मैकेंजी और सह-अभियुक्तों पर हत्या का दोष सिद्ध कर दिया, लेकिन म्विथी के 6 बच्चों को वापस नहीं ला सका। डैन ने यह भी जोड़ा कि शहर के कुछ लोग मैकेंजी के अपराधों के कारण उन पर गुस्से में हैं, जबकि कुछ लोगों ने उन्हें इसलिए अपनाया है कि उन्होंने उस जीवन से दूरी तय कर ली है। उन्होंने कहा: "मुझे उम्मीद है कि यह फैसला उन लोगों को कुछ सांति दे जाए जो अपने प्रियजनों को खोए हैं।"

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