विश्व और सुरक्षा

रूसी सेना के हमलों में यूक्रेन की प्रकाशन भंडारण सुविधाएं तबाह, लाखों किताबें और पाठ्यपुस्तकें राख में तब्दील

फ्रांस 24 के पत्रकारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग से पता चलता है कि इस गर्मियों में रूसी सेना के हमलों ने यूक्रेन के प्रकाशन उद्योग को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और दर्जनों गोदामों तथा लॉजिस्टिक केंद्रों को नष्ट कर दिया है। कई यूक्रेनी नागरिकों के लिए ये हमले उनकी भाषा और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयासों का हिस्सा हैं।

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फ्रांस 24 के पत्रकारों येगोर ट्रेट्स्की और एमैनुएल श्वार्त्ज़ की ग्राउंड रिपोर्टिंग ने कैमरे को रूस-यूक्रेन युद्ध के उस आयाम पर केंद्रित किया जो अक्सर मोर्चे पर होने वाली जनहानि के आंकड़ों से ओझल रह जाता है—प्रकाशन उद्योग को हुआ व्यवस्थित विनाश।

रिपोर्ट के अनुसार, इस गर्मियों में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमलों ने देश के प्रकाशन उद्योग को गंभीर झटका दिया है, दर्जनों गोदामों और लॉजिस्टिक केंद्रों को नष्ट कर दिया है, जिससे लाखों किताबें और पाठ्यपुस्तकें युद्ध की आग में राख हो गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई यूक्रेनी नागरिकों के लिए प्रकाशन अवसंरचना पर ये हमले उनकी भाषा और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयासों का हिस्सा हैं—प्रकाशनों में केवल कागज और स्याही ही नहीं, बल्कि एक देश की शिक्षा व्यवस्था, ऐतिहासासिक वृत्तांत और सामूहिक स्मृति का भौतिक आधार भी बंधा होता है।

जब भंडारण और लॉजिस्टिक केंद्र नष्ट हो जाते हैं, तो पुनर्मुद्रित पाठ्यपुस्तकें समय पर विद्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई होती है, और नई छपी साहित्यिक रचनाएं भी वितरण माध्यमों में पहुंचने में असमर्थ रहती हैं।

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