रुबियो की लैटिन अमेरिका तीन देशों की यात्रा का पहला पड़ाव कोलंबिया: द्विपक्षीय संबंधों को "पुनर्बहाल" करने का संकल्प, चीन की ओर खुलेआम निशाना
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू की तीन दिन की यात्रा शुरू की, जिसमें उन्होंने चार साल के वामपंथी शासन के बाद बोगोटा के साथ संबंधों को "पुनर्बहाल" करने का वादा किया और "चीन के बढ़ते प्रभाव का विरोध" करना भी यात्रा के उद्देश्यों में शामिल किया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो নे मंगलवार को कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू के लिए रवाना होकर तीन दिन की लैटिन अमेरिका यात्रा शुरू की, जिसके पहले पड़ाव में उन्होंने चार साल के वामपंथी शासन के बाद बोगोटा के साथ द्विपक्षीय संबंधों को "पुनर्बहाल" करने का वादा किया।
फ्रांस 24 की रिपोर्ट के अनुसार, रुबियो की यह यात्रा लैटिन अमेरिका में हुई चुनावों की एक श्रृंखला के तुरंत बाद हो रही है, जिन्होंने अमेरिका-समर्थक दक्षिणपंथी नेताओं को सत्ता में लाया है, जिससे वाशिंगटन के लिए सुरक्षा और आर्थिक संबंधों को कसने तथा चीन के बढ़ते प्रभाव का विरोध करने का मार्ग खुला है।
तीनों देश इस राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका ने खुलेआम लैटिन अमेरिका को चीन के प्रभाव के विरुद्ध प्रतिस्पर्धा के अग्रिम मोर्चे के रूप में स्थापित किया है, और अमेरिका-समर्थक दक्षिणपंथी सरकारों के सत्ता में आने से वाशिंगटन के लिए क्षेत्रीय मामलों की पुनर्व्यवस्था का लीवरेज मिला है।
"पुनर्बहाल" शब्द एक व्यवधान की पूर्वधारणा रखता है: चार साल का वामपंथी शासन एक सुधारने योग्य विचलन के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि एक संप्रभु राष्ट्र की स्वायत्त नीतिगत पसंद के रूप में। फ्रांस 24 की रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस तरह की "पुनर्बहाली" में किन विशिष्ट सहयोग क्षेत्रों या वित्तीय प्रतिबद्धताओं को शामिल किया जाएगा, और कोलंबिया के नए नेता की विशिष्ट पहचान तथा नीतिगत विवरण भी प्राप्त जानकारी में अभी स्पष्ट नहीं हैं।
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