ब्रिटेन ने इज़रायली बस्तियों से आयात पर लगाया प्रतिबंध, फ्रांस और कनाडा के साथ मिलकर बनाया दबाव; इज़रायल ने बदले में पूर्वी यरुशलम स्थित वाणिज्य दूतावास बंद करने का दिया आदेश
ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने 9 सितंबर को हाउस ऑफ कॉमन्स में पश्चिमी तट पर इज़रायली बस्तियों से आयात पर प्रतिबंध लगाने के अपने सरकार के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि ब्रिटेन को "अपना एक पक्ष रखना ही होगा"। यह आयात प्रतिबंध विदेश मंत्री एड मिलिबैंड द्वारा 8 सितंबर को घोषित किया गया था और यह बस्ती विस्तार पर दबाव बनाने के लिए ब्रिटेन की फ्रांस तथा कनाडा के साथ समन्वित कार्रवाई का हिस्सा है। बदले के तौर पर इज़रायल ने पूर्वी यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने का आदेश दिया और 12 ब्रि
ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने 9 सितंबर को हाउस ऑफ कॉमन्स में पश्चिमी तट पर इज़रायली बस्तियों से आयात पर प्रतिबंध लगाने के अपने सरकार के निर्णय का बचाव किया और इसे ब्रिटेन की इज़रायल के प्रति हाल के वर्षों की सबसे बड़ी नीतिगत अदला-बदलियों में से एक के रूप में अन्याय के विरुद्ध एक पक्षधरता की घोषणा बताया। हिंदू अखबार के अंतरराष्ट्रीय संस्करण की रिपोर्ट के अनुसार, बर्नहैम ने सांसदों से कहा कि शब्दों को कार्यों से सहारा मिलना चाहिए।
"नेतृत्व का अर्थ है तब कार्रवाई करना जब अन्याय सामने आए, जब उसे सुधारने की आवश्यकता हो, जब लोगों को उनके घरों से निकाला जा रहा हो," बर्नहैम ने कहा, "इस कठिन और खतरनाक दुनिया में ब्रिटेन को अपना एक पक्ष रखना ही होगा।" उन्होंने ब्रिटेन की दो-राष्ट्र समाधान के प्रति दीर्घकालिक सहदा पर ज़ोर दिया, लेकिन कहा कि बस्ती विस्तार इस संभावना को खतरे में डाल रहा है।
यह आयात प्रतिबंध विदेश मंत्री एड मिलिबैंड द्वारा 8 सितंबर को घोषित किया गया था और इसमें बस्तियों से जुड़ी कंपनियों तथा व्यक्तियों के विरुद्ध कदम भी शामिल हैं; यह इज़रायल पर दबाव बनाने के लिए ब्रिटेन की फ्रांस तथा कनाडा के साथ समन्वित कार्रवाई का हिस्सा है। तीनों देशों ने आरोप लगाया कि इज़रायल का बस्ती विस्तार दो-राष्ट्र समाधान की नींव को नुकसान पहुंचा रहा है।
इज़रायल ने इस पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बदले के तौर पर पूर्वी यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने का आदेश दिया और 12 ब्रिटिश नागरिकों के देश में प्रवेश पर रोक लगा दी। इज़रायली विदेश मंत्री गिदोन सा'र ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने ब्रिटिश विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच द्वारा लेबर सरकार की आलोचना के लिए उनका धन्यवाद किया है।
बैडेनोच ने इससे पहले द सन अखबार में लिखे एक लेख में लेबर सरकार पर "अपने पार्टी के राजनीतिक हितों को राष्ट्रीय हितों से ऊपर रखने" का आरोप लगाया था। हालांकि, 9 सितंबर को प्रधानमंत्री के सवाल-जवाब सत्र में, जब उन्हें सीधे बर्नहैम से इस मुद्दे पर सवाल पूछने का अवसर मिला, उन्होंने जानबूझकर इस विषय से किनारा कसते हुए ध्यान रक्षा व्यय पर केंद्रित किया।
बर्नहैम ने इस मौके का फायदा उठाते हुए इस बात पर बल दिया कि यह कदम लेबर सांसदों की लंबे समय से चली आ रही मांगों का जवाब है। संसद में अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "हम हमेशा कमज़ोरों के साथ खड़े हैं और उनका सहारा बनने के लिए जो कुछ भी हो सकता है, करते हैं। यह वैश्विक मंचे पर नेतृत्व है, यह ब्रिटेन का उन मूल्यों के प्रति वफ़ादार होना है जिनका वह हमेशा प्रतिनिधन करता रहा है।" इस कथन पर सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों ने खुशी व्यक्त की।
प्रतिबंध की विशिष्ट सूची—जिन बस्ती से जुड़ी कंपनियों और व्यक्तियों को इसमें शामिल किया गया है—अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। तीनों देशों की "समन्वित कार्रवाई" की बारीकियों तथा ज़िम्मेदारियों का बँटवारा भी सामने नहीं आया है, और यह स्पष्ट नहीं है कि आयात प्रतिबंध का इज़रायल-फ़लस्तीन की वास्तविक स्थिति, ब्रिटेन-इज़रायल द्विपक्षीय संबंधों तथा ब्रिटेन की मध्य-पूर्व नीति पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
पूर्वी यरुशलम स्थित वाणिज्य दूतावास लंबे समय से ब्रिटेन और फ़लस्तीन पक्ष के बीच सीधे संवाद के एक अहम साधन के रूप में कार्य करता रहा है और इसके बंद हो जाने से यह महत्वपूर्ण माध्यम टूट गया है।
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