रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा और नागरिक सुविधाओं पर हमला किया; जेलेंस्की ने कहा कि साझेदार देशों से पूर्व चेतावनी नहीं मिली, अमेरिका पर EU-वित्तपोषित हथियारों की देरी का आरोप
फ्रांस 24 के अनुसार रूस ने सोमवार यूक्रेन की ऊर्जा और नागरिक सुविधाओं पर हमला किया। जेलेंस्की ने कहा कि खुफिया जानकारी साझा करने वाले साझेदारों ने कीव को पहले से चेतावनी नहीं दी और अमेरिका पर EU-वित्तपोषित हथियारों की आपूर्ति में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया। रिपोर्ट में सत्यापन साक्ष्य या अमेरिका का जवाब नहीं है; केवल जेलेंस्की के आरोप की पुष्टि है। वह पूर्व चेतावनी और सैन्य सहायता की शृंखला में साझेदारों की वास्तविक ताकत पर सवाल उठाते हैं।
फ्रांस 24 की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने सोमवार यूक्रेन की ऊर्जा संरचनाओं और नागरिक सुविधाओं पर हमलों का एक नया दौर शुरू किया। रिपोर्ट में हमले के विशिष्ट स्थानों, नुकसान की मात्रा या किसी के हतिय होने के आंकड़े नहीं दिए गए हैं।
तत्पश्चात यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि इस बार भी उन साझेदार देशों से कीव को पहले से कोई चेतावनी नहीं मिली थी, जिन्होंने पहले खुफिया जानकारी साझा की थी। उन्होंने अमेरिका पर भी यूरोपीय संघ द्वारा वित्तपोषित हथियारों की आपूर्ति में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया। फ्रांस 24 ने न तो आरोपों का सत्यापन करने के लिए कोई साक्ष्य प्रदान किए और न ही अमेरिका या अन्य साझेदारों से जवाब लिया। इसलिए फिलहाल दोनों मुद्दे केवल जेलेंस्की के सार्वजनिक आरोप हैं।
जेलेंस्की के कथन के मुताबिक, सहायता शृंखला में शक्ति का वितरण असममित है: जिन साझेदारों ने खुफिया जानकारी साझा की, उन्होंने चेतावनी नहीं दी; अमेरिका पर यूरोपीय संघ के वित्तपोषित हथियारों की आपूर्ति में जानबूझकर देरी करने का आरोप है; और यूक्रेन को ही सुविधाओं पर हमले और सैन्य सहायता में देरी का भार सहना पड़ रहा है। यह बँटवारा जिम्मेदारी की असममिति को दूर नहीं करता। चेतावनी पहुंचाई गई या नहीं, वित्तपोषण किसके द्वारा किया जाएगा और हथियार कब पहुंचेंगे—इन सभी बातों से यह बदल सकता है कि यूक्रेन पर जोखिम कब और कैसे भार पड़ेगा।
चेतावनी और सैन्य सहायता, दोनों की जवाबदेही एक साथ सामने रखना इसी मुद्दे का सबसे तीखा पहलू है। कीव के लिए बाहरी सहायता सुरक्षा की गारंटी बन सकती है या नहीं, यह केवल इस पर निर्भर नहीं है कि साझेदार कौन है और उसने कितना धन लगाया, बल्कि इस पर भी कि हमले से पहले की खुफिया जानकारी सही समय पर पहुंची या नहीं और संबंधित हथियार समय पर पहुंचे या नहीं। चेतावनी की जानकारी और आपूर्ति की जिम्मेदारी अलग-अलग साझेदारों के बीच बंटी हुई है, इसलिए औपचारिक साझेदारी इस शक्ति-असममिति को अपने आप समाप्त नहीं कर सकती। संबंधित साझेदारों के पास इस बात पर व्यावहारिक नियंत्रण है कि जोखिम यूक्रेन पर वास्तव में कब भार पड़ेगा।
अभी कोई टिप्पणी नहीं। चर्चा शुरू करें।