फ्रांस के प्रधानमंत्री ने शनिवार के लिए 'बड़े पैमाने' पर सुरक्षा बल तैयारी की घोषणा की, पिछले सप्ताहाह की सुरक्षा को 'बहुत स्थिर' बताया
फ्रांस 24 के अनुसार, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्तियन लेकोर्नु ने मंगलवार को संसद में कहा कि अगले शनिवार 'बड़े पैमाने' पर सुरक्षा बल तैयार किए जाएंगे और स्वीकार किया कि पिछले सप्ताहाह के प्रदर्शनों की सुरक्षा 'बहुत स्थिर थी और उसकी गतिशीलता अपर्याप्त थी'। राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के परिधि क्षेत्रों में दंगे होने के बाद आयोजकों ने नए विरोध प्रदर्शन की योजना की घोषणा की थी। रिपोर्ट में अतिरिक्त बलों की संख्या, उपकरण, कार्रवाई का तरीका, कानूनी आधार तथा दंगों से हुए जानहान, गिरफ्तारियों की संख्या य
फ्रांस 24 के अनुसार, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्तियन लेकोर्नु ने मंगलवार को संसद में घोषणा की कि अगले शनिवार सरकार 'बड़े पैमाने' पर सुरक्षा बल तैयार करेगी। आयोजकों ने पहले ही नए विरोध प्रदर्शन की योजना की घोषणा कर दी थी; दंगे राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के परिधि क्षेत्रों में हुए थे। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि अतिरिक्त बल किन शहरों में तैनात होंगे, और न ही बलों की संख्या, उपकरण, कार्रवाई का तरीका या कानूनी आधार बताया गया।
लेकोर्नु ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले सप्ताहाह के प्रदर्शनों की सुरक्षा कार्रवाई 'बहुत स्थिर थी और उसकी गतिशीलता अपर्याप्त थी'। तैयारी को लेकर की गई यह आत्मसमीक्षा स्पष्ट रूप से सरकार की ओर संकेत करती है, प्रदर्शनकर्ताओं की ओर नहीं। यह स्वीकार करना कि तैनात बलों को लचीले ढंग से स्थानांतरित करना कठिन था, मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में कमियां हैं, स्वीकार करने के बराबर है।
प्रदर्शन की घोषणा, प्रदर्शनकारियों की भागीदारी और परिधि क्षेत्रों में दंगे होना—ये तीन अलग-अलग बातें हैं। प्रदर्शन की घोषणा दंगे का समर्थन नहीं है, और किनारी क्षेत्रों में हुए दंगे सभी प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। फ्रांस 24 की रिपोर्ट में दंगों से हुए जानहान, गिरफ्तारियों की संख्या या संपत्ति के नुकसान के आंकड़े नहीं दिए गए, इसलिए अभी उनसे जुड़े जोखिम का परिमाण नहीं किया जा सकता।
लेकोर्नु के बयान से पुष्टि हुई कि सरकार बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैयार करने की योजना रखती है, लेकिन अभी तक कोई सत्यापन योग्य कार्यान्वयन योजना तैयार नहीं हुई है। योजनाबद्ध तैनाती और नया प्रदर्शन दोनों अभी होने बाकी हैं। वास्तविक पैमाना, कार्यान्वयन का तरीका और पिछले सप्ताहाह की गतिशीलता की कमी को कितना पूरा किया जा सकेगा, यह मौदान में परखा जाना बाकी है।
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